Raj Bhasha

 

 

 राजभाषा अधधननयम, 1963 की धारा 3(3) के अंतर्गत जारी होने वाऱे दस्तावेज़

राजभाषा अधधननयम, 1963 की धारा 3(3) के तहत प्रावधान के अनुसार ननम्नलऱखित दस्तावेज़ हहन्दी तथा अंग्रेजी दोनों भाषाओं में जारी ककए जाएँगे:-

संकल्ऩ

सामान्य आदेश

ननयम

अधधसूचनाएँ

प्रशासननक तथा अन्य प्रनतवेदन

प्रेस ववऻप्ततयाँ

संसद के ककसी सदन अथवा दोनों सदनों के समऺ प्रस्तुत ककए जाने वाऱे प्रशासननक तथा अन्य प्रनतवेदन और सरकारी कागजात

संववदा

करार

अनुज्ञप्ति (ऱाइसेंस)

अनुज्ञा-पत्र (ऩरलमट)

ननववदा सूचनाएँ

ननववदा पामम

 

नोट:

राजभाषा ननयम, 1976 के ननयम 6 के अनुसार यह सुननश्चित करना ऐसे दस्तावेज़ों ऩर हस्ताक्ष करने वाऱे व्यश्ततयों दानयत्व होगा कि ऐसे दस्तावेज़ हहन्दी और अंग्रेजी दोनों में तैयार किये जाये, ननष्ऩाहदत अथवा जारी किये जाये

 


राजभाषा नियम, 1976

राजभाषा (संघ के शासकीय प्रयोजनों के लिए प्रयोग)

नियम, 1976

(यथा संशोधित, 1987, 2007 तथा 2011)                                            

सा.का.नि. 1052 --राजभाषा अधिनियम, 1963 (1963 का 19) की धारा 3 की उपधारा (4) के साथ पठित धारा 8 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, केन्द्रीय सरकार निम्नलिखित नियम बनाती है, अर्थातः-

1.    संक्षिप्त नाम, विस्तार और प्रारम्भ--

a.     इन नियमों का संक्षिप्त नाम राजभाषा (संघ के शासकीय प्रयोजनों के लिए प्रयोग) नियम, 1976 है।

b.    इनका विस्तार, तमिलनाडु राज्य के सिवाय सम्पूर्ण भारत पर है।

c.     ये राजपत्र में प्रकाशन की तारीख को प्रवृत्त होंगे।

2.    परिभाषाएं-- इन नियमों में, जब तक कि संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न होः-

a.     'अधिनियम' से राजभाषा अधिनियम, 1963 (1963 का 19) अभिप्रेत है;

b.    'केन्द्रीय सरकार के कार्यालय' के अन्तर्गत निम्नलिखित भी है, अर्थातः-

c.     केन्द्रीय सरकार का कोई मंत्रालय, विभाग या कार्यालय;

d.    केन्द्रीय सरकार द्वारा नियुक्त किसी आयोग, समिति या अधिकरण का कोई कार्यालय; और

e.    केन्द्रीय सरकार के स्वामित्व में या नियंत्रण के अधीन किसी निगम या कम्पनी का कोई कार्यालय;

f.     'कर्मचारी' से केन्द्रीय सरकार के कार्यालय में नियोजित कोई व्यक्ति अभिप्रेत है;

g.    'अधिसूचित कार्यालय' से नियम 10 के उपनियम (4) के अधीन अधिसूचित कार्यालय, अभिप्रेत है;

h.    'हिन्दी में प्रवीणता' से नियम 9 में वर्णित प्रवीणता अभिप्रेत है ;

i.      'क्षेत्र क' से बिहार, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड़, उत्तराखंड राजस्थान और उत्तर प्रदेश राज्य तथा अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, दिल्ली संघ राज्य क्षेत्र अभिप्रेत है;

j.      'क्षेत्र ख' से गुजरात, महाराष्ट्र और पंजाब राज्य तथा चंडीगढ़, दमण और दीव तथा दादरा और नगर हवेली संघ राज्य क्षेत्र अभिप्रेत हैं;

k.     'क्षेत्र ग' से खंड (च) और (छ) में निर्दिष्ट राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों से भिन्न राज्य तथा संघ राज्य क्षेत्र अभिप्रेत है;

l.      हिन्दी का कार्यसाधक ज्ञान' से नियम 10 में वर्णित कार्यसाधक ज्ञान अभिप्रेत है ।

3.    राज्यों आदि और केन्द्रीय सरकार के कार्यालयों से भिन्न कार्यालयों के साथ पत्रादि-

1.    केन्द्रीय सरकार के कार्यालय से क्षेत्र '' में किसी राज्य या संघ राज्य क्षेत्र को या ऐसे राज्य या संघ राज्य क्षेत्र में किसी कार्यालय (जो केन्द्रीय सरकार का कार्यालय न हो) या व्यक्ति को पत्रादि असाधारण दशाओं को छोड़कर हिन्दी में होंगे और यदि उनमें से किसी को कोई पत्रादि अंग्रेजी में भेजे जाते हैं तो उनके साथ उनका हिन्दी अनुवाद भी भेजा जाएगा।

2.    केन्द्रीय सरकार के कार्यालय से--

a.     क्षेत्र '' में किसी राज्य या संघ राज्यक्षेत्र को या ऐसे राज्य या संघ राज्य क्षेत्र में किसी कार्यालय (जो केन्द्रीय सरकार का कार्यालय न हो) को पत्रादि सामान्यतया हिन्दी में होंगे और यदि इनमें से किसी को कोई पत्रादि अंग्रेजी में भेजे जाते हैं तो उनके साथ उनका हिन्दी अनुवाद भी भेजा जाएगाः परन्तु यदि कोई ऐसा राज्य या संघ राज्य क्षेत्र यह चाहता है कि किसी विशिष्ट वर्ग या प्रवर्ग के पत्रादि या उसके किसी कार्यालय के लिए आशयित पत्रादि संबद्ध राज्य या संघ राज्यक्षेत्र की सरकार द्वारा विनिर्दिष्ट अवधि तक अंग्रेजी या हिन्दी में भेजे जाएं और उसके साथ दूसरी भाषा में उसका अनुवाद भी भेजा जाए तो ऐसे पत्रादि उसी रीति से भेजे जाएंगे ;

b.    क्षेत्र '' के किसी राज्य या संघ राज्य क्षेत्र में किसी व्यक्ति को पत्रादि हिन्दी या अंग्रेजी में भेजे जा सकते हैं।

3.    केन्द्रीय सरकार के कार्यालय से क्षेत्र '' में किसी राज्य या संघ राज्यक्षेत्र को या ऐसे राज्य में किसी कार्यालय (जो केन्द्रीय सरकार का कार्यालय न हो)या व्यक्ति को पत्रादि अंग्रेजी में होंगे।

4.    उप नियम (1) और (2) में किसी बात के होते हुए भी, क्षेत्र '' में केन्द्रीय सरकार के कार्यालय से क्षेत्र ''या''में किसी राज्य या संघ राज्यक्षेत्र को या ऐसे राज्य में किसी कार्यालय (जो केन्द्रीय सरकार का कार्यालय न हो) या व्यक्ति को पत्रादि हिन्दी या अंग्रेजी में हो सकते हैं । परन्तु हिन्दी में पत्रादि ऐसे अनुपात में होंगे जो केन्द्रीय सरकार ऐसे कार्यालयों में हिन्दी का कार्यसाधक ज्ञान रखने वाले व्यक्तियों की संख्या,हिन्दी में पत्रादि भेजने की सुविधाओं और उससे आनुषंगिक बातों को ध्यान में रखते हुए समय-समय पर अवधारित करे।

                केन्द्रीय सरकार के कार्यालयों के बीच पत्रादि-

 .      केन्द्रीय सरकार के किसी एक मंत्रालय या विभाग और किसी दूसरे मंत्रालय या विभाग के बीच पत्रादि हिन्दी या अंग्रेजी में हो सकते हैं;

a.     केन्द्रीय सरकार के एक मंत्रालय या विभाग और क्षेत्र '' में स्थित संलग्न या अधीनस्थ कार्यालयों के बीच पत्रादि हिन्दी में होंगे और ऐसे अनुपात में होंगे जो केन्द्रीय सरकार, ऐसे कार्यालयों में हिन्दी का कार्यसाधक ज्ञान रखने वाले व्यक्तियों की संख्या, हिन्दी में पत्रादि भेजने की सुविधाओं और उससे संबंधित आनुषंगिक बातों को ध्यान में रखते हुए, समय-समय पर अवधारित करे;

b.    क्षेत्र '' में स्थित केन्द्रीय सरकार के ऐसे कार्यालयों के बीच, जो खण्ड (क) या खण्ड (ख) में विनिर्दिष्ट कार्यालयों से भिन्न हैं, पत्रादि हिन्दी में होंगे;

c.     क्षेत्र '' में स्थित केन्द्रीय सरकार के कार्यालयों और क्षेत्र '' या ''में स्थित केन्द्रीय सरकार के कार्यालयों के बीच पत्रादि हिन्दी या अंग्रेजी में हो सकते हैं;

परन्तु ये पत्रादि हिन्दी में ऐसे अनुपात में होंगे जो केन्द्रीय सरकार ऐसे कार्यालयों में हिन्दी का कार्यसाधक ज्ञान रखने वाले व्यक्तियों की संख्या,हिन्दी में पत्रादि भेजने की सुविधाओं और उससे आनुषंगिक बातों को ध्यान में रखते हुए समय-समय पर अवधारित करे ;

d.    क्षेत्र '' या '' में स्थित केन्द्रीय सरकार के कार्यालयों के बीच पत्रादि हिन्दी या अंग्रेजी में हो सकते हैं;

परन्तु ये पत्रादि हिन्दी में ऐसे अनुपात में होंगे जो केन्द्रीय सरकार ऐसे कार्यालयों में हिन्दी का कार्यसाधक ज्ञान रखने वाले व्यक्तियों की संख्या,हिन्दी में पत्रादि भेजने की सुविधाओं और उससे आनुषंगिक बातों को ध्यान में रखते हुए समय-समय पर अवधारित करे ;

परन्तु जहां ऐसे पत्रादि--

i.        क्षेत्र '' या क्षेत्र '' किसी कार्यालय को संबोधित हैं वहां यदि आवश्यक हो तो, उनका दूसरी भाषा में अनुवाद, पत्रादि प्राप्त करने के स्थान पर किया जाएगा;

ii.        क्षेत्र '' में किसी कार्यालय को संबोधित है वहां, उनका दूसरी भाषा में अनुवाद, उनके साथ भेजा जाएगा;

परन्तु यह और कि यदि कोई पत्रादि किसी अधिसूचित कार्यालय को संबोधित है तो दूसरी भाषा में ऐसा अनुवाद उपलब्ध कराने की अपेक्षा नहीं की जाएगी ।

                हिन्दी में प्राप्त पत्रादि के उत्तर--

नियम 3 और नियम 4 में किसी बात के होते हुए भी, हिन्दी में पत्रादि के उत्तर केन्द्रीय सरकार के कार्यालय से हिन्दी में दिए जाएंगे ।

                हिन्दी और अंग्रेजी दोनों का प्रयोग-

अधिनियम की धारा 3 की उपधारा (3) में निर्दिष्ट सभी दस्तावेजों के लिए हिन्दी और अंग्रेजी दोनों का प्रयोग किया जाएगा और ऐसे दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने वाले व्यक्तियों का यह उत्तरदायित्व होगा कि वे यह सुनिश्चित कर लें कि ऐसी दस्तावेजें हिन्दी और अंग्रेजी दोनों ही में तैयार की जाती हैं, निष्पादित की जाती हैं और जारी की जाती हैं।

                आवेदन, अभ्यावेदन आदि-

0.    कोई कर्मचारी आवेदन, अपील या अभ्यावेदन हिन्दी या अंग्रेजी में कर सकता है।

1.    जब उपनियम (1) में विनिर्दिष्ट कोई आवेदन, अपील या अभ्यावेदन हिन्दी में किया गया हो या उस पर हिन्दी में हस्ताक्षर किए गए हों, तब उसका उत्तर हिन्दी में दिया जाएगा।

2.    यदि कोई कर्मचारी यह चाहता हैकि सेवा संबंधी विषयों (जिनके अन्तर्गत अनुशासनिक कार्यवाहियां भी हैं) से संबंधित कोई आदेश या सूचना,जिसका कर्मचारी पर तामील किया
जाना अपेक्षित है, यथास्थिति, हिन्दी या अंग्रेजी में होनी चाहिए तो वह उसे असम्यक विलम्ब के बिना उसी भाषा में दी जाएगी।

                केन्द्रीय सरकार के कार्यालयों में टिप्पणों का लिखा जाना -

0.    कोई कर्मचारी किसी फाइल पर टिप्पण या कार्यवृत्त हिंदी या अंग्रेजी में लिख सकता है और उससे यह अपेक्षा नहीं की जाएगी कि वह उसका अनुवाद दूसरी भाषा में प्रस्तुत करे।

1.    केन्द्रीय सरकार का कोई भी कर्मचारी, जो हिन्दी का कार्यसाधक ज्ञान रखता है, हिन्दी में किसी दस्तावेज के अंग्रेजी अनुवाद की मांग तभी कर सकता है, जब वह दस्तावेज विधिक या तकनीकी प्रकृति का है, अन्यथा नहीं।

2.    यदि यह प्रश्न उठता है कि कोई विशिष्ट दस्तावेज विधिक या तकनीकी प्रकृति का है या नहीं तो विभाग या कार्यालय का प्रधान उसका विनिश्चय करेगा।

3.    उपनियम (1) में किसी बात के होते हुए भी, केन्द्रीय सरकार, आदेश द्वारा ऐसे अधिसूचित कार्यालयों को विनिर्दिष्ट कर सकती है जहां ऐसे कर्मचारियों द्वारा,जिन्हें हिन्दी में प्रवीणता प्राप्त है, टिप्पण, प्रारूपण और ऐसे अन्य शासकीय प्रयोजनों के लिए, जो आदेश में विनिर्दिष्ट किए जाएं, केवल हिन्दी का प्रयोग किया जाएगा ।

                हिन्दी में प्रवीणता-

यदि किसी कर्मचारी ने-

 .      मैट्रिक परीक्षा या उसकी समतुल्य या उससे उच्चतर कोई परीक्षा हिन्दी के माध्यम से उत्तीर्ण कर ली है;या

a.     स्नातक परीक्षा में अथवा स्नातक परीक्षा की समतुल्य या उससे उच्चतर किसी अन्य परीक्षा में हिन्दी को एक वैकल्पिक विषय के रूप में लिया हो; या

b.    यदि वह इन नियमों से उपाबद्ध प्ररूप में यह घोषणा करता है कि उसे हिन्दी में प्रवीणता प्राप्त है;

तो उसके बारे में यह समझा जाएगा कि उसने हिन्दी में प्रवीणता प्राप्त कर ली है ।

                हिन्दी का कार्यसाधक ज्ञान-

0.     

 .        यदि किसी कर्मचारी ने-

i.        मैट्रिक परीक्षा या उसकी समतुल्य या उससे उच्चतर परीक्षा हिन्दी विषय के साथ उत्तीर्ण कर ली है; या

ii.        केन्द्रीय सरकार की हिन्दी परीकाा योजना के अन्तर्गत आयोजित प्राज्ञ परीक्षा या यदि उस सरकार द्वारा किसी विशिष्ट प्रवर्ग के पदों के सम्बन्ध में उस योजना के अन्तर्गत कोई निम्नतर परीक्षा विनिर्दिष्ट है, वह परीक्षा उत्तीर्ण कर ली है;या

iii.        केन्द्रीय सरकार द्वारा उस निमित्त विनिर्दिष्ट कोई अन्य परीक्षा उत्तीर्ण कर ली है; या

b.        यदि वह इन नियमों से उपाबद्ध प्ररूप में यह घोषणा करता है कि उसने ऐसा ज्ञान प्राप्त कर लिया है;

तो उसके बारे में यह समझा जाएगा कि उसने हिन्दी का कार्यसाधक ज्ञान प्राप्त कर लिया है।

1.    यदि केन्द्रीय सरकार के किसी कार्यालय में कार्य करने वाले कर्मचारियों में से अस्सी प्रतिशत ने हिन्दी का ऐसा ज्ञान प्राप्त कर लिया है तो उस कार्यालय के कर्मचारियों के बारे में सामान्यतया यह समझा जाएगा कि उन्होंने हिन्दी का कार्यसाधक ज्ञान प्राप्त कर लिया है।

2.    केन्द्रीय सरकार या केन्द्रीय सरकार द्वारा इस निमित्त विनिर्दिष्ट कोई अधिकारी यह अवधारित कर सकता है कि केन्द्रीय सरकार के किसी कार्यालय के कर्मचारियों ने हिन्दी का कार्यसाधक ज्ञान प्राप्त कर लिया है या नहीं।

3.    केन्द्रीय सरकार के जिन कार्यालयों में कर्मचारियों ने हिन्दी का कार्यसाधक ज्ञान प्राप्त कर लिया है उन कार्यालयों के नाम राजपत्र में अधिसूचित किए जाएंगे;

परन्तु यदि केन्द्रीय सरकार की राय है कि किसी अधिसूचित कार्यालय में काम करने वाले और हिन्दी का कार्यसाधक ज्ञान रखने वाले कर्मचारियों का प्रतिशत किसी तारीख में से
उपनियम (2) में विनिर्दिष्ट प्रतिशत से कम हो गया है, तो वह राजपत्र में अधिसूचना द्वारा घोषित कर सकती है कि उक्त कार्यालय उस तारीख से अधिसूचित कार्यालय नहीं रह जाएगा ।

2.    मैनुअल, संहिताएं, प्रक्रिया संबंधी अन्य साहित्य, लेखन सामग्री आदि-

0.    केन्द्रीय सरकार के कार्यालयों से संबंधित सभी मैनुअल, संहिताएं और प्रक्रिया संबंधी अन्य साहित्य, हिन्दी और अंग्रेजी में द्विभाषिक रूप में यथास्थिति, मुद्रित या साइक्लोस्टाइल किया जाएगा और प्रकाशित किया जाएगा।

1.    केन्द्रीय सरकार के किसी कार्यालय में प्रयोग किए जाने वाले रजिस्टरों के प्ररूप और शीर्षक हिन्दी और अंग्रेजी में होंगे।

2.    केन्द्रीय सरकार के किसी कार्यालय में प्रयोग के लिए सभी नामपट्ट, सूचना पट्ट, पत्रशीर्ष और लिफाफों पर उत्कीर्ण लेख तथा लेखन सामग्री की अन्य मदें हिन्दी और अंग्रेजी में लिखी जाएंगी, मुद्रित या उत्कीर्ण होंगी;

परन्तु यदि केन्द्रीय सरकार ऐसा करना आवश्यक समझती है तो वह, साधारण या विशेष आदेश द्वारा, केन्द्रीय सरकार के किसी कार्यालय को इस नियम के सभी या किन्हीं उपबन्धों से छूट दे सकती है।

3.    अनुपालन का उत्तरदायित्व-

0.    केन्द्रीय सरकार के प्रत्येक कार्यालय के प्रशासनिक प्रधान का यह उत्तरदायित्व होगा कि वह--

ii.        यह सुनिश्चित करे कि अधिनियम और इन नियमों के उपबंधों और उपनियम (2) के अधीन जारी किए गए निदेशों का समुचित रूप से अनुपालन हो रहा है;और

iii.        इस प्रयोजन के लिए उपयुक्त और प्रभावकारी जांच के लिए उपाय करे ।

1.    केन्द्रीय सरकार अधिनियम और इन नियमों के उपबन्धों के सम्यक अनुपालन के लिए अपने कर्मचारियों और कार्यालयों को समय-समय पर आवश्यक निदेश जारी कर सकती है ।

[भारत का राजपत्र, भाग-2, खंड 3, उपखंड (i) में प्रकाशनार्थ]

भारत सरकार

गृह मंत्रालय

राजभाषा विभाग

नई दिल्ली, दिनांक: अगस्त, 2007

अधिसूचना

 

का.आ. (अ). -- केन्द्रीय सरकार, राजभाषा अधिनियम, 1963 (1963 का 19) की धारा 3 की उपधारा (4) के साथ पठित धारा 8 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, राजभाषा (संघ के शासकीय प्रयोजनों के लिए प्रयोग) नियम, 1976 का और संशोधन करने के लिए निम्नलिखित नियम बनाती है, अर्थात:-

1.     

i.        इन नियमों का संक्षिप्त नाम राजभाषा (संघ के शासकीय प्रयोजनों के लिए प्रयोग) संशोधन नियम, 2007 है ।

ii.        ये राजपत्र में प्रकाशन की तारीख को प्रवृत्त होंगे ।

2.    राजभाषा (संघ के शासकीय प्रयोजनों के लिए प्रयोग) नियम, 1976 में -

नियम 2 के खंड (च) के स्थान पर निम्नलिखित खंड रखा जाएगा, अर्थात्:-

क्षेत्र कसे बिहार, छत्तीसगढ, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, मध्यप्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली तथा अंडमान और निकोबार द्वीप समूह संघ राज्य क्षेत्रअभिप्रेत हैं; ’

 

 

 

केन्‍द्रीय सरकार के मंत्रालय/विभागों/संबद्ध व अधीनस्‍थ कार्यालयों/सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों/स्‍वायत निकायों आदि में राजभाषा हिंदी के प्रगामी प्रयोग से संबंधित तिमाही प्रगति रिपोर्ट

31 दिसम्बर, 2017 को समाप्त तिमाही

भाग-1 (प्रत्‍येक तिमाही में भरा जाए)

कार्यालय का नाम और पूरा पता- केन्द्रीय विद्यालय बेंगडूबी

संबंधित राजभाषा अधिकारी का फोन नम्‍बर :

एस.टी.डी. कोड-0353फोन नम्‍बर 2480070   -मेल kvbengdubi123@gmail.com

1.       राजभाषा अतधिनियम 1963 की धारा 3(3) के अंतर्गत जारी कागजात

(क)           जारी कागजात की कुल संख्‍या- 77

(ख)          इनमें से केवल अंग्रेजी में जारी किये गये कागजात-एक भी नहीं

इनमें सामान्‍य आदेश, ज्ञापन, संकल्‍प, अधिसूचनाएं, नियम,करार, संविदा, टेंडर नोटिस, संसदीय प्रश्‍न आदि शामिल हैं।

2.       हिंदी में प्राप्‍त पत्र (राजभाषा नियम-5)

 

()हिंदी में प्राप्‍त कुल पत्रों की संख्‍या- 25

() इनमें से कितनों के उत्‍तर अंग्रेजी में दिए गए- एक भी नहीं

 

अंग्रेजी में प्राप्‍त पत्रों की संख्‍या

इनमें से कितनों के उत्‍तर हिंदी में दिए गए

 

1

2

क्षेत्र से

-

-

क्षेत्र से

            33

         20

3.       अंग्रेजी में प्राप्‍त पत्रों के उत्‍तर हिंदी में दिए जाने (केवल ’   एवं में स्थित कार्यालयों के लिए)

 

4.       भेजे गए कुल पत्रों का ब्‍यौरा

 

हिंदी/‍द्विभाषी में

केवल अंग्रेजी में

भेजे गए पत्रों की कुल संख्‍या

हिंदी/द्विभाषी में भेजे गए पत्रों का प्रतिशत

 

1

2

3

4

क्षेत्र से

27

10

37

72.97

क्षेत्र से

50

40

90

55.55

क्षेत्र से

-----------

-------------

-----------

------------

 

 

 

 

5.       फाइलों पर हिंदी में कार्य

तिमाही के दौरान लिखी गई टिप्‍पणियों।

हिंदी में

अंग्रेजी में

कुल संख्‍या

09

04

13

 

तिमाही के दौरान कार्यशाला आयोजन की तिथि एं संख्‍या

प्रशिक्षण की अवधि(घंटों में)

प्रशिक्षित अधिकारियों की संख्‍या

प्रशिक्षित कर्मचारियों की संख्‍या

कुल संख्‍या

1

2

3

4

5

20/12/2017 एक

01

12

33

45

6.       हिंदी कार्यशालाएं ।

 

7.       विभागीय/संगठनीय राजभाषा कार्यान्‍वयन समिति की बैठक के आयोजन की तिथि-20/12/2017

पहली बैठक

दूसरा बैठक

04.09.2017

20.12.2017

8.       हिंदी सलाहकार समिति की बैठक के आयोजनकी तिथि

 

9.       शीर्षस्‍थ(मंत्रालय/विभाग में संयुक्‍त सचिव स्‍तर तथा अन्‍य कार्यालयों आदि में प्रशासनिक प्रमुख/कार्यालय प्रमुख स्‍तर की अध्‍यक्षता में आयोजित बैठकें) प्रशासनिक बैठकें ।

(‍) तिमाही के दौरान हुई शीर्षस्‍थ प्रशासनिक बैठकों की संख्‍या                           01

   (ऐसी कितनी बैठकों में वार्तालाप/कार्रवाईयां पूरी तरह हिंदी में की गई       10

 

उल्लिखित सूचना उपलब्‍ध अभिलेखों के आधार पर बनाई गई हैं तथा मेरी जानकारी के अनुसार सही है।

मंत्रालय/विभाग/संगठन की राजभाषा कार्यान्‍वयन समिति के अध्‍यक्ष के हस्‍ताक्षर

अध्यक्ष का नाम -        मनोज कुमार

                 पदनाम-             प्राचार्य

 फोन नम्‍बर-0353-2480070 फैक्‍स नम्‍बर-  -मेल पता-kvbengdubi123@gmail.com

नोट: 1. यह रिपोर्ट विभागीय राजभाषा कार्यान्‍वयन समिति के अध्‍यक्ष से हस्‍ताक्षरित न होने पर लौटा दी जायेगी।

         2. कोई भी कॉलम खाली न छोड़ा जाए और सूचना स्‍पष्‍ट रूप से दी जाए।

 

 

                                   
                                   

यह रिपोर्ट इस प्रकार से भेजी जानी है कि क्षे.का. की 31 मार्च की रिपोर्ट के साथ विद्यालयों की दिसम्‍बर की रिपोर्ट, क्षे.का. की  जून की रिपोर्ट के साथ

विद्यालयों की मार्च रिपोर्ट,क्षे.का. की सितम्‍बर की रिपोर्ट के साथ विद्यालयों की जून की रिपोर्ट एवं क्षे.का.की दिसम्‍बर रिपोर्ट के साथ विद्यालयों की सितम्‍बर की रिपोर्ट भेजी जाए।

   

केन्द्रीय विद्यालय बेंगडूबी

दिनांक

31 दिसम्बर 2017 

       

वर्ष में(संदर्भ पुस्‍तकों को छोड़ कर)पुस्‍तकालय में कितने रूपए की पुस्‍तकों की खरीदकी गई,इनमेंसे हिंदी पुस्‍तकों पर खर्च की गई राशि

क्‍या राजभाषा के कार्यान्‍वयन के लिए जॉंचबिंदु बनाए गए हैं।

क्षे.का.में केविसे से तिमाही रिपोर्ट प्राप्‍त होने की तारीख

क्षे.का. द्वारा  केवि को तिमाही रिपोर्ट भेजने की तारीख

के.वि. का तिमाही में पत्राचार का %

धारा 3(3) के अंतर्गत जारी कागजात

राजभाषा नियम-5(हिंदी में प्राप्‍त पत्रों का उत्‍तर हिंदी में देना) का अनुपालन हो रहा है,यदि नहीं तो क्षे.का.द्वारा क्‍या कार्रवाई की गई

तिमाही में अंग्रेजी में प्राप्‍त पत्रों की स्थिति (केवल '' '' क्षेत्र के लिए

 

16

17

18

19

20

21

22

23

 

कुल खर्च राशि

हिंदी पुस्‍तकें खरीदने पर कुल खर्च राशि

हॉं या नहीं

यदि हॉं तो कब से लागु हैं

 

 

कुल भेजे गए पत्रों की संख्‍या

अंग्रजी में भेजे गए पत्रों की संख्‍या

हिंदी में भेजे गए पत्रों की संख्‍या

भेजे गए हिंदी का पत्रों का %

अंग्रजी

हिंदी

द्विभाषी

कुल हिंदी में प्राप्‍त पत्र

हिंदी में उत्‍तरित पत्र

' और ''क्षेत्रों से अंग्रेजी में प्राप्‍त पत्रों की संख्‍या

इनमें से हिंदी में उत्‍तरित पत्र

 

हाँ

01.04.2017

 

 

127

50

77

61

8

12

0

25

25

33

20

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 
                       

प्राचार्य  के हस्‍ताक्षर एवं मुहर

 

राजभाषा अधिनियम 1963 की धारा 3(3) के अंतर्गत सामान्‍य आदेश, अधिसूचनाएंप्रेसविज्ञप्तियॉं/टिप्‍पणियॅांसंविदाएं करार,लाइसेंस, परमिट ,टेंडर के फॉर्म, और नोटिस,संकल्‍प, नियम,संसद के एक सदन में या दोनों सदनों में प्रस्‍तुत सरकारी  कागज-पत्र (रिपोर्टों  के अलावा),संसद के एक सदन में या दोनों सदनों  में प्रस्‍तुत प्रशासनिक और अन्‍य  रिपोर्ट (संसद के एक सदन में या दोनों  सदनों में प्रस्‍तुत की गई रिपोर्ट  के अलावा) दस्‍तावेज सम्मिलित हैं ।